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Republic Day Poem In Hindi – गणतंत्र दिवस पर कविता

Written by admin

Republic Day In Hindi Poem :-   हेल्लो दोस्तों और प्यारे बच्चों आज में इस आर्टिकल में आप सभी के लिए Republic Day Poem In Hindi लेकर आयी हूँ ! जिसे आप अपने स्कूल,कॉलेज सभी दोस्तों और परिवार वालो के साथ फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप्प और गूगल+ पर शेयर कर सकते है !

इससे पहले भी मैंने गणतंत्र दिवस पर शायरी,कोट्स और गणतंत्र दिवस पर कवितायें लिखी है ! जिनको काफ़ी सारे लोगो ने पसन्द भी किया है ! अगर आपको Republic Day Poem In Hindi download करनी है, तो आप नीचे दिए गये लिंक पर क्लिक करके उनको डाउनलोड कर सकते है !

अकसर काफ़ी सारें लोगो के मन में एक सवाल जरुर आता है की 26 जनवरी गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है,और गणतंत्र का अर्थ क्या है. अगर आपको इसके बारे में अच्छे से पढ़ना है तो आप Republic day eassy In Hindi, Republic day speech in hindi वाला आर्टिकल पढ़े !

तो चलिए अब हम अपनी हिन्दी कविता (Short Poem on Republic Day in Hindi ) को शुरू करते है !

Short Poem on Republic Day in Hindi

Poem On 26 January In Hindi :- हमारे आज के कविता का टॉपिक है, गणतंत्र भारत का निर्माण,” इस गणतंत्र दिवस हम सभी मिल कर कसम खाते है, की भारत से सब कुछ लेने के बाद यह ना हो की हम दूसरे देशो में जाकर बस जाये, बल्कि दूसरे देशो से अच्छी-अच्छी बाते सिखकर उनका उपयोग हम हमारे देश में करे ! आओ कुछ कर दिखाए भारत  के झण्डे को सदा ऊँचा रखने का प्रयास जारी रखे !  Best 50 Republic day Wishes,Quotes,Greeting In Hindi

गणतंत्र भारत का निर्माण

हम गणतंत्र भारत के निवासी, करते अपनी मनमानी

दुनिया की कोई फिक्र नहीं, संविधान है करता पहरेदारी !!

है इतिहास इसका बहुत पुराना, संघर्षों का था वो जमाना;

न थी कुछ करने की आजादी, चारों तरफ हो रही थी बस देश की बर्बादी !!

एक तरफ विदेशी हमलों की मार,

दूसरी तरफ दे रहे थे कुछ अपने ही अपनो को घात !!

पर आजादी के परवानों ने हार नहीं मानी थी,

विदेशियों से देश को आजाद कराने की जिद्द ठानी थी !!

एक के एक बाद किये विदेशी शासकों पर घात,

छोड़ दी अपनी जान की परवाह, बस आजाद होने की थी आखिरी आस !!

1857 की क्रान्ति आजादी के संघर्ष की पहली कहानी थी,

जो मेरठ, कानपुर, बरेली, झांसी, दिल्ली और अवध में लगी चिंगारी थी !!

जिसकी नायिका झांसी की रानी आजादी की दिवानी थी,

देश भक्ति के रंग में रंगी वो एक मस्तानी थी !!

जिसने देश हित के लिये स्वंय को बलिदान करने की ठानी थी,

उसके साहस और संगठन के नेतृत्व ने अंग्रेजों की नींद उड़ायी थी !!

हरा दिया उसे षडयंत्र रचकर, कूटनीति का भंयकर जाल बुनकर,

मर गयी वो पर मरकर भी अमर हो गयी !!

अपने बलिदान के बाद भी अंग्रेजों में खौफ छोड़ गयी,

उसकी शहादत ने हजारों देशवासियों को नींद से उठाया था !!

अंग्रेजी शासन के खिलाफ एक नयी सेना के निर्माण को बढ़ाया था,

फिर तो शुरु हो गया अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष का सिलसिला !!

एक के बाद एक बनता गया वीरों का काफिला,

वो वीर मौत के खौफ से न भय खाते थे !!

अंग्रेजों को सीधे मैदान में धूल चटाते थे,

ईट का जवाब पत्थर से देना उनको आता था !!

अंग्रेजों के बुने हुये जाल में उन्हीं को फसाना बखूबी आता था,

खोल दिया अंग्रेजों से संघर्ष का दो तरफा मोर्चा !!

1885 में कर डाली कांग्रेस की स्थापना,

लाला लाजपत राय, तिलक और विपिन चन्द्र पाल !!

घोष, बोस जैसे अध्यक्षों ने की जिसकी अध्यक्षता,

इन देशभक्तों ने अपनी चतुराई से अंग्रेजों को राजनीति में उलझाया था !!

उन्हीं के दाव-पेचों से अपनी माँगों को मनवाया था,

सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह के मार्ग को गाँधी ने अपनाया था !!

कांग्रेस के माध्यम से ही उन्होंने जन समर्थन जुटाया था,

दूसरी तरफ क्रान्तिकारियों ने भी अपना मोर्चा लगाया था !!

बिस्मिल, अशफाक, आजाद, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु जैसे,

क्रान्तिकारियों से देशवासियों का परिचय कराया था !!

अपना सर्वस्व इन्होंने देश पर लुटाया था,

तब जाकर 1947 में हमने आजादी को पाया था !!

एक बहुत बड़ी कीमत चुकायी है हमने इस आजादी की खातिर,

न जाने कितने वीरों ने जान गवाई थी देश प्रेम की खातिर !!

निभा गये वो अपना फर्ज देकर अपनी जाने,

निभाये हम भी अपना फर्ज आओ आजादी को पहचाने !!

देश प्रेम में डूबे वो, न हिन्दू, न मुस्लिम थे,

वो भारत के वासी भारत माँ के बेटे थे !!

उन्हीं की तरह देश की शरहद पर हरेक सैनिक अपना फर्ज निभाता है,

कर्तव्य के रास्ते पर खुद को शहीद कर जाता है !!

आओ हम भी देश के सभ्य नागरिक बने,

हिन्दू, मुस्लिम, सब छोड़कर, मिलजुलकर आगे बढ़े !!

जातिवाद, क्षेत्रवाद, आतंकवाद, ये देश में फैली बुराई है,

जिन्हें किसी और ने नहीं देश के नेताओं ने फैलाई है !!

अपनी कमियों को छिपाने को देश को भ्रमाया है,

जातिवाद के चक्र में हम सब को उलझाया है !!

अभी समय है इस भ्रम को तोड़ जाने का,

सबकुछ छोड़ भारतीय बन देश विकास को करने का !!

यदि फसे रहे जातिवाद में, तो पिछड़कर रह जायेंगे संसार में,

अभी समय है उठ जाओं वरना पछताते रह जाओगें !!

समय निकल जाने पर हाथ मलते रह जाओगे,

भेदभाव को पीछे छोड़ सब हिन्दुस्तानी बन जाये !!

इस गणतंत्र दिवस पर मिलजुलकर तिरंगा लहराये !!

Happy Republic Day Poems In Hindi

 

Republic Day Poems in Hindi :-  हमारी आज के कविता का लाइन ही ये है की आन बान शान हो गुमान माटी का जिसे, तो दोस्तों हमे ऐसे ही आपने देश का सर हमेश ऊंचा रखना है, जिस हमारी आन बान शान हमेश बनी रहे , तो आईये दोस्तों पढ़ते हमारी इस कविता को :-

“आन बान शान”

आन बान शान हो गुमान माटी का जिसे,

देशभक्ति वाला ही तूफान आज दीजिये !

एक हाथ गीता तो है विनती हमारी माता,

दूजे हाथ हमें कुरान आज दीजिये !

शस्य श्यामला चुनर धानी ओढ़े माटी सदा,

देश के लिए मरूँ अरमान ऐसा दीजिये !

मज़हब जाति भाषा क्षेत्र की दीवार न हो,

मेरी माता ऐसा हिंदुस्तान हमें दीजिये !

जब जब लूँ जनम यही देश ही मिले,

यही माता मुझे वरदान यही दीजिये !

Poem On Republic Day For Kids In Hindi

 

Republic Day Hindi Kavita :- हमारे इस आर्टिकल में प्यारे प्यारे बच्चों के लिए भी कुछ खास है, तो चलिए दोस्तों अब हम अपनी हिन्दी कविता (Poem on 26 January for kids in hindi) को शुरू करते है !

गणतंत्र”

हर तरफ देखो लग रहा,

“जय हिन्द” का नारा है !

लिए तिरंगा हाथ मे देश,

झूम रहा आज सारा है !

आओ कि आया “राष्ट्र पर्व”

गणतंत्र हमारा है !

नमन “माँ भारती” तुझे,

दिया राष्ट्र पर्व प्यारा है. !

“जय हिन्द”

Poem On 26 January In Hindi

Gantantra Divas Kavita in Hindi :- अगर आपको यह कविता पसन्द आये तो इस कविता को आप अपने दोस्तों और चाहने वालो के साथ सोशल मीडिया पर शेयर जरुर करे.”

“देखो 26 जनवरी आयी”

देखो 26 जनवरी है आयी, गणतंत्र की सौगात है लायी !

अधिकार दिये हैं इसने अनमोल, जीवन में बढ़ सके बिन अवरोध !

हर साल 26 जनवरी को होता है वार्षिक आयोजन,

लाला किले पर होता है जब प्रधानमंत्री का भाषन !

नयी उम्मीद और नये पैगाम से, करते है देश का अभिभादन,

अमर जवान ज्योति, इंडिया गेट पर अर्पित करते श्रद्धा सुमन !

2 मिनट के मौन धारण से होता शहीदों को शत-शत नमन !

सौगातो की सौगात है, गणतंत्र हमारा महान है,

आकार में विशाल है, हर सवाल का जवाब है !

संविधान इसका संचालक है, हम सब का वो पालक है

लोकतंत्र जिसकी पहचान है, हम सबकी ये शान है,

गणतंत्र हमारा महान है, गणतंत्र हमारा महान है !

 

यह आर्टिकल अब यही पर खत्म होता है और मुझे पूरी उम्मीद है की यहाँ पर जितनी भी Republic Day Poem In Hindi है आपको बहुत पसंद आई होगी. आपको कविता केसी लगी हमको कमेंट करके जरुर बताए और इस आर्टिकल को अपने परिवार वालो के साथ फेसबुक, व्हात्सप्प, ट्विटर और गूगल+ पर शेयर जरुर करें !

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