Festivals

Poem In Hindi On Mother And Father

poem in hindi
Written by admin

Poem On Parents In Hindi के इस आर्टिकल में आपका बहुत-बहुत स्वागत है!आज दोस्तों में आपके इस आर्टिकल में, मैं Poem In Hindi On Mother And Father का बेस्ट कलेक्शन आप सभी के साथ शेयर करने जा रही हूँ!

माँ-बाप पर यह एक बेहतरीन कविता हैं! जो भारतीय माँ-बाप पर पूरी तरह सही बैठती हैं! यह तो सब मानते हैं कि पेरेंट्स अपने बच्चों के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। उनकी खुशी के लिए अपना सुख भी भूल जाते हैं। वो अपने बच्चो की ख़ुशी के लिए बहुत कुछ करते हैं! छोटी-छोटी चीजों में ही उनकी ख़ुशी होती हैं! तो आईये क्यों न आज आपने पेरेंट्स को एक पोएम समर्पिते किये जाये ! तो चलिए पढ़ना शुरू करते है!

Poem Dedicated To Parents In Hindi

इस आर्टिकल में जितनी भी Hindi poem on parents आपके साथ शेयर करने जा रही हूँ! अगर आपको पसन्द आये तो maa pita par kavita in hindi को आप अपनी माता-पिता के साथ सोशल मीडिया पर भी शेयर जरुर करें! चलिए दोस्तों बहुत बाते हो गई! अब आईये पढ़ना शुरू करते है हमारी हिन्दी पोएम को !

poem in hindi

घर मेरा एक बरगद है…..

मेरे पापा जिसकी जड़ है…!!

घनी छायो है मेरी माँ..

यही है मेरे आसमान…!!

पापा का है प्यार अनोखा..

जैसे शीतल हवा का झोका …!!

माँ की ममता सबसे प्यारी …

सबसे सुंदर सबसे नयारी….!!

हाथ पकड़ चलना सिखलाते

पापा हमको खूब घूमते ….!!

माँ मलहम बनकर लग जाती …

जब भी हमको चोट सताती..!!

माँ पापा बिन दुनिया सुनी

जैसे तपती आग की धुनी..!!

माँ ममता की धारा है …

पिता जीने का सहारा है…!!

Importance Of Mother And Father In Hindi

some lines on parents in hindi दोस्तों आज में पोएम के साथ आपको एक कहानी भी बताऊगी,  की माता पिता हमारे जीवन मैं कितनी इम्पोर्टेंस रखते है! और हमे भी हमेशा उनका उतना ही ख्याल रखना चाहिए ! तो आईये शुरू करते है Importance Of Mother And Father In Hindi को !

एक बच्चे को आम का पेड़ बहुत पसंद था ! जब भी फुर्सत मिलती वो आम के पेड़ के पास पहुँचा जाता! ! पेड़ के ऊपर चढ़ता,आम खाता,खेलता और थक जाने पर उसी की चाय में सो जाता! उस बच्चे और आम के पेड़ के बीच एक अनोखा रिश्ता बन गया ! बच्चा जैसे- जैसे बड़ा होता गया वैसे- वैसे उसने पेड़ के पास आना कम कर दिए ! कुछ समय बाद तो ब्लिकुल ही बंद हो गया !

एक दिन अचानक पेड़ ने उसे बाचे को अपनी तरफ आते देख और पास आने पर कहा,”तू कहा चला गया था? में रोज़ तुम्हे याद किये करता था ! चलो आज फिर से दोनों खेलते है !” बच्चे ने आम के पेड़ से कहा,” अब मेरी खेलने की उम्र नहीं है! मुझे पढ़ना है, लेकिन मेरे पास फीस भरने के पैसे नहीं है!”

पेड़ ने कहा,”तू मेरे आम लेकर बाजार में बेच दे,इससे जो पैसे मिले अपनी फीस भर देना!” उस बच्चे ने आम के पेड़ से सारे आम तोड़ लिए कर उन सब आमो को लेकर वहा से चला गया ! उसके बाद फिर कभी दिखाई नहीं दिए ! आम का पेड़ उसकी राह देखता रहता ! एक दिन वो फिर आये और कहने लगा, “अब मुझे नौकरी मिल गई है, मेरी शादी हो चुकी है,मुझे आपने घर बनाने है, इसके लिए मेरे पास अब पैसे नहीं है !”

आम के पेड़ ने कहा,”तू मेरी सभी डाली को काट कर ले जा , उससे आपने घर बना ले !” उस जवान ने पेड़ की सभी डाली काट ली और ले के चल गया ! आम के पेड़ के पास अब कुछ नहीं था ! वो अब बिलकुल बंजर हो गया था ! कोई उसे देखता भी नहीं था ! पेड़ ने भी अब वो बालक/जवान उसके पास फिर आएगा यह उम्मीद छोड़ दी थी !

फिर एक दिन अचानक वहा एक बूढ़ा आदमी आया ! उसने आम के पेड़ से कहा ” शायद आपने मुझे नहीं पहचाना, में वही बालक हूँ,” जो बार-बार आपके पास आता और आप हमेशा आपने टुकड़े काटकर भी मेरी मदद करते थे !”

वृद्ध ने आँखों में आँसू लिए कहा,”आज में आपसे कुछ लेने नहीं आया हूँ.बल्कि आज तो मुझे आपके साथ जी भर के खेलने है,’आपकी गोद में सर रखकर सो जाना है !” इतना कहकर वो आम के पेड़ से लिपट गया और आम के पेड़ की सुखी हुई डाली फिर से अंकुरित हो उठी!

दोस्तों, वो आम का पेड़ हमारे माता- पिता है ! जब हम छोटे थे उनके साथ खेलना अच्छा लगता था! जैसे-जैसे बड़े होते चले गये उनसे दूर होते गये! पास भी तब आये जब कोई जरुरत पड़ी,कोई समस्या खड़ी होती है ! आज कई माँ बाप उस बजर पेड़ की तरह आपने बच्चों की राह देख रहे है ! जाकर उनके साथ timespent कीजिये,” उनके गले लग जाये! फिर देखना वृद्धावस्था में उनका जीवन फिर से अंकुरति हो उठेगा! माता-पिता भले हे पढ़े-लिखे हो या नहीं पर संसार का दुर्लभ और महत्पूर्ण ज्ञान हमे उन्ही से हे प्राप्त होता है ….!!

दोस्तों मैं आप सभी से एक बात कहा न चाहूगी ! सभी के माता पिता ये चाहते है की हमारे बच्चे कामयाब हो ! पर आप उस कामयाबी के लिए कभी भी आपने माता पिता से दूर न जाये ! अब आप सभी सोचेंगे की आज कल तो हम सभी को दूर जाना पड़ता है चाहे वो पढ़िए के लिए हो या नौकरी के लिए ! दोस्तों मेरी मतलब है की हमेशा उनके लिए टाइम निकले और उनसे बहुत सारी बाते करे!

दोस्तों मेरा ये mata pita par kavita in hindi का कलेक्शन अब यही पर समाप्त हो रहा है, उम्मीद है आपको  poem on parents in hindi language को शेयर जरूर भी करेंगे! अगर आपको ये आर्टिकल पसंद आये है तो इनको आप फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप्प पर शेयर भी कर सकते हो !

inhe bhi jarur padhe :-

About the author

admin

Leave a Comment

%d bloggers like this:
DMCA.com Protection Status