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Janmashtami Information [Krishna Janmashtami 2017]

Written by admin

Janmashtami 2017

भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है! वर्ष 2017 में जन्माष्टमी 14 अगस्त को है! कृष्ण हिन्दू धर्म में विष्णु के अवतार हैं!

श्री  कृष्णा जन्माष्टमी के  अवसर  पर  हमारे  दोस्तों  और  उनकी  फॅमिली  को  श्री  कृष्णा  जन्माष्टमी की  हार्दिक शुभकामना , आपकी हर मनोकमायना श्री कृष्णा पूरी करे ऐसे हमारी शुभकामना है!

“श्रीकृष्ण जिनका नाम है, गोकुल जिनका धाम है! ऐसे श्री भगवान को,बारम्बार प्रणाम है!

Krishna Janmastami in 2017 

Date : 14th  August 2017 Monday

5244th  Birth anniversary of Lord Krishna

Nishita puja time = 11:58 + to 12:43  pm

Duration = 0 hours 45 mins

Mid night moment = 12:43

On 15th, Parana time = after 05:39 pm

On Janmashtami without rohini nakshatra

Dahi handi on 15 th august 2017

Ashtami tithi begins = 19 :15 on 14th-aug-2017

Ashtami tithi ends =17:09 on 15-aug-2017

Krishna Janmashtami parv Date

Festival DatesDaysYear
Krishna janamastami14thMonday2017
Krishna janamastami2ndSunday2018
Krishna janamastami24thSaturday2019
Krishna janamastami11thTuesday2020
Krishna janamastami30thMonday2021
Krishna janamastami18thThursday2022

 

Names of lord krishna

श्री कृष्णा भगवान विष्णु के अवतार भी मन जाता है! भारत में जैसे इतना सरे देश के कई नाम है इसे के उदहारण है! श्री कृष्णा जन्माष्टमी  को कई नाम भी जाना जाता है! जैसे:- श्री कृष्णा  जन्माष्टमी  को कई नाम से भी जाना जाता है:

  • अष्टमी रोहिणी
  • श्री जंयती
  • कृष्णा जंयती
  • रोहिणी अष्टमी
  • गोकुलाष्टमी

कृष्ण पूजा के लिये आवश्यक सामग्री

पूजा विधि अनुसार करना के लिए कुछ खास सामग्री, जिसे आपको बहुत मदद मिल गई  श्री कृष्णा की पूजा विधि ,पूजा सामग्री कौन सी है!

  • चौकी, लाल वस्त्र (चौकी के लिये)
  • बालकृष्ण की मूर्ति या चित्र
  • असना,,,पंचामृत
  • गंगाजल,दीपक, घी, बत्ती, धूपबत्ती
  • अष्टगंध चन्दन या रोली,अक्षत (कच्चा साबुत चावल)
  • तुलसी,माखन मिश्री व अन्य भोग सामग्री
  • कृष्ण जी के लिये श्रृंगार सामग्री
  • इत्र, फूलमाला

Janmashtami pooja vidhi in hindi:

श्री कृष्णा जन्माष्टमी  का जन्म वासुदेव और देवीकी के घर रात्रि 12  बजे हुआ था इसलिए पूरा भारत देश में श्री कृष्णा जन्म को रात्रि 12 बजे मनाया जाता है! हर साल भादवा मास के अस्टमी के दिन 12 बजे हर मंदिर और घरो में प्रतिका से श्री कृष्णा का जन्म करता है! जन्माष्टमी पूजा विधि :-

चौकी पर लाल कपड़ा बिछा लीजिये.भगवान् कृष्ण की मूर्ति चौकी पर एक पात्र में रखिये. भगवान् कृष्ण से प्रार्थना करें कि,“हे भगवान् कृष्ण! कृपया पधारिये और पूजा ग्रहण कीजिये!”

श्री कृष्ण को पंचामृत से स्नान कराइये. फिर गंगाजल से स्नान कराइये.अब श्री कृष्ण को वस्त्र पहनाइये और श्रृंगार कीजिये. अब दीपक जलाइये और साथ ही धूपबत्ती भी जला लीजिये!.

Chappan bhog :

श्री कृष्णा भगवान को माखन मिश्री बेहद पसंद और खीरा ,केला, तुलसी पात्र के साथ भोग लगा!

ध्यान रखिये की तुलसी पात्र के बिना श्री कृष्णा भोग स्वीकार नहीं करता है! इसलिए भोग लगते समय तुसली पात्र डालना न भुला!

श्री कृष्णा को पंजीरी से भी भोग लगाए जाता है और वो भी साधरण नहीं होती है! छप्पन भोग रेसिपीज वैसे तो पंजरी आटे के बनती है पर श्री कृष्णा जी को जो पंजरी अर्पिता करता है!

वो धनिये से बनती है पंजरी बनाने के लिए पीसी हुई धनिये और उसे घी डालकर कर भुना जाता है और इसमें पिसा हुआ शक्कर मिलायी जाती है लोगो आपने इच्छा अनुसार मेवा डालता है और फिर श्री कृष्णा को भोग लगा जाता है!

Shree Krishna mantra

कृष्णाष्टमी का व्रत करने वालों के सब क्लेश दूर हो जाते हैं! आपके सभी दुःख को दूर करता है! हरे कृष्णा मंत्र  ये जिन लोगो के घरो में कलह-क्लेश के कारण अशांति का वातावरण हो, वह घर के लोगो को कृष्णाष्टमी पूजा करके इसे मंत्र के जप करना चाहिए!

कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। प्रणत क्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नम:॥

इसे मंत्र को हर समय जप करते हुआ! श्री कृष्णा के आरधना करे इससे आपकी परिवार की खुश लौट आयी गयी और अगर आपको आपने दोस्तों को जन्माष्टमी की शुभकामना देनी है तो हमारी ये पोस्ट पढ़े :- Jamanstami quotes msg,sharayri,  

 About Janmashtami in Hindi

भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है! भगवान कृष्ण का जन्म तो देवकी और वसुदेव के यहां हुआ था! लेकिन उनका पालन-पोषण माता यशोदा और नंदबाबा ने किया किया था!

मथुरा सहित पूरे भारत वर्ष में यह महापर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है!और जन्माष्टमी के बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी ये पोस्ट जरूर पढ़े:- Jamanstami celebration information

 Dahi handi festival

भगवान कृष्ण बचपन से ही नटखट और शरारती थे! माखन उन्हें बेहद प्रिय था! जिसे वह मटकी से चुरा कर खाते थे! भगवान कृष्ण की इसी लीला को उनके जन्मोत्सव पर पुन: ताजा रचा जाता है!

देश के कई भागों में इस दिन मटकी फोड़ने और दही हांड़ी सांग्स का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाता है!

जन्माष्टमी पर्व की पहचान बन चुकी दही-हांडी या मटकी फोड़ने की रस्म भक्तों के दिलों में भगवान श्रीकृष्ण की यादों को ताजा कर देती हैं!

 

आशा, है की आपको हमारी पोस्ट पसंद आयी होगी  तो जरूर बताये की आपको  Krishna Janmastami in 2017,Dahi handi festival, About Janmashtami in Hindi,janmashtami vrat vidhi, krishna story in hindi, कैसे लगा !,और कमेंट जरूर करें,और जितना हो सके इस पोस्ट को अपने फ्रेंड्स को भी शेयर करें! .

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