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Holi Essay In Hindi – जानिए होली के बारे में खास जानकारी

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Essay On Holi In Hindi  के इस आर्टिकल में सभी का बहुत-बहुत स्वागत है! हमारे सभी विजिटर को Raviparscha.com के तरफ से होली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

भारत एक ऐसा देश है जिसमे बहुत सारे त्यौहार मनाये जाते हैं, उन्ही में से एक होली का त्योहार भी बहुत उत्सव के साथ मनाये जाता है! आज के इस आर्टिकल में आपको होली के त्योहार से जुड़ी कुछ खास जानकारी मिलेगी, तो चलिए पढना शुरू करे Holi information in hindi के इस आर्टिकल को! आपको आज में होली के पावन पर्व के बारे में बताऊंगी, आज में इस आर्टिकल में आपको बताऊंगा की होली क्यों  मानते  हैं (Why we celebrate Holi in hindi) साथ-ही-साथ आपको यह भी बताऊंगी की होली कितनी तारीख को है 2018 में और होली की कहानी क्या है ?

होली एक ऐसा रंगबिरंगा त्योहार है, जिस हर धर्म के लोग पूरे उत्साह और मस्ती के साथ मनाते हैं! प्यार भरे रंगों से सजा यह पर्व हर धर्म, संप्रदाय, जाति के बंधन खोलकर भाई-चारे का संदेश देता है! इस दिन सारे लोग अपने पुराने गिले-शिकवे भूल कर गले लगते हैं, और एक दूजे को गुलाल लगाते हैं! होली एक बहुत बड़ा पर्व है इसके बारे में जितना बोलू उतना कम होगा! तो आईये दोस्तों short essay on holi festival in hindi यानि की होली पर निबंध को पढ़ना शुरू करते है!

About Holi In Hindi Wikipedia – होली क्यों मनाते हैं?

Information of Holi in Hindi में जानिए होली कब और क्यों मनाया जाता है? होली फाल्गुन मास की पूर्णिमा को यह त्योहार मनाया जाता है! हिन्दू धर्म के लोग बड़ी धूमधाम से मनाते है! उत्साह से भरा ये त्योहार हमारे लिये एक दूसरे के प्रति स्नेह और निकटता लाती है!

भारत के अन्य त्यौहारों की तरह होली भी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और पुराने गिले-शिकवे भुला कर एक दूसरे के रंग में रंग जाने का। तो आईये जानते है कुछ और खास बातये होली के बारे में! Note:- दोस्तों अगर आपको नहीं पता की इस साल होली कब है,तो मै आपको बता दूं की 2 मार्च को इस साल होली मनाई जाएगी!

Story Of Holi Festival In Hindi – होली का इतिहास

प्राचीन पौराणिक कथा के अनुसार हमने किताबो में पढ़ा है कि होली से हिरण्यकश्यप की कहानी जुड़ी है. आइये जानते हैं होली की कहानी: प्राचीन भारत का एक राजा था, जिसका नाम हिरण्यकश्यप था, जो कि बिलकुल राक्षस की तरह था. वह अपने छोटे भाई की मौत का बदला भगवान विष्णु से लेना चाहता था क्यूंकि उन्होंने उसके भाई को मारा था!

विष्णु पुराण की एक कथा के अनुसार प्रह्लाद के पिता दैत्यराज हिरण्यकश्यप ने तपस्या कर देवताओं से यह वरदान प्राप्त कर लिया कि वह न तो पृथ्वी पर मरेगा न आकाश में, न दिन में मरेगा न रात में, न घर में मरेगा न बाहर, न अस्त्र से मरेगा न शस्त्र से, न मानव से मारेगा न पशु से!

इस वरदान को प्राप्त करने के बाद वह स्वयं को अमर समझ कर नास्तिक और निरंकुश हो गया! वह चाहता था कि उनका पुत्र भगवान नारायण की आराधना छोड़ दे, परन्तु प्रह्लाद इस बात के लिये तैयार नहीं था!

हिरण्यकश्यपु ने उसे बहुत सी प्राणांतक यातनाएँ दीं लेकिन वह हर बार बच निकला! हिरण्यकश्यप की बहन होलिका को यह वरदान प्राप्त था कि वह आग में नहीं जलेगी! अतः उसने होलिका को आदेश दिया के वह प्रह्लाद को लेकर आग में प्रवेश कर जाए जिससे प्रह्लाद जलकर मर जाए!

परन्तु होलिका का यह वरदान उस समय समाप्त हो गया जब उसने भगवान भक्त प्रह्लाद का वध करने का प्रयत्न किया! होलिका अग्नि में जल गई परन्तु नारायण की कृपा से प्रह्लाद का बाल भी बाँका नहीं हुआ! राक्षश हिरण्यकश्यप के साथ-साथ होलिका की ये हार बुराई के नष्ट होने का प्रतीक है,और दोस्तों उसी दिन वहा के नगरी वासियों ने होली के त्योहार को मनाना शुरू कर दिया!

इसके बाद भगवान विष्णु ने हिरण्यकश्यप का वध कर दिया, लेकिन होली से होलिका की मौत की कहानी जुड़ी है! इसके चलते भारत के कुछ राज्यों में होली से एक दिन पहले बुराई के अंत के प्रतीक के तौर पर होली जलाई जाती है, जिसको होलिका दहन कहा जाता है!

Festival Of Colors Holi In Hindi – रंगो के त्यौहार होली के बारे में जाने कुछ बाते 

वैसे तो होली हर जगह बड़े धूम धाम से मनाई जाती है! पर व्रज, मथुरा, वृन्दावन, बरसाने की लट्ठमार होली, श्रीनाथजी, काशी, इन जगहो की होली काफी प्रख्यात मानी जाती है! भारत के कुछ प्रान्तों में होली पांच दिन तक मनाई जाती है जो होलिका के साथ शुरू होकर रंग पंचमी के दिन ख़त्म होती है!

ऊपर दिए गए  होली की कहानी में तो रंगों को कही कोई वर्णन नहीं तो रंग होली का भाग कैसे बने? तो चलिए जानते हैं इसके पीछे की वजह – यह होली की कहानी भगवान विष्णु के अवतार भगवान कृष्ण के समय तक जाती है, माना जाता है कि भगवान कृष्ण रंगों से होली मनाते थे, इसलिए होली का यह तरीका लोकप्रिय हुआ!

अबीर- गुलाल और रंग-बिरंगे रंगो मे रंग कर सारे होली खेलने वाले एक जैसे रंग-बिरंगे बन जाते हैं! और तब ऐसा प्रतीत होता है, के सारे भेद भाव उंच-नीच मिट गए हैं! इस तरह होली सब के एक समान होने का संदेश देती है!

Essay On Holi In Hindi For Class 2

होली रंगों का एक शानदार उत्सव है जो भारत में हिन्दु धर्म के लोग हर साल बड़ी धूमधाम से मनाते है! इसे एकता, प्यार, खुशी, सुख, और जीत का त्योहार के रुप मे भी जाना जाता है। हमलोग एक-दूसरे के साथ प्यार और खुशी जाहिर करने के लिये इस पर्व को चमकीले और आकर्षक रंगों से खेलते है!

इसमें लोग आपस में मिलते है, गले लगते है और एक दूसरे को रंग और अबीर लगाते है! इस दौरान सभी मिलकर ढ़ोलक, हारमोनियम तथा करताल की धुन पर धार्मिक और फागुन गीत गाते है! होली उत्सव के एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है! इस दिन पर हमलोग खासतौर से बने गुजिया, पापड़, हलवा, पानी-पूरी तथा दही-बढ़े आदि खाते है! इस तरह लोग रंगों के इस त्योहार में अपनों के संग खुशियाँ मनाते है!

दोस्तों होली Holi eassy in Hindi का ये आर्टिकल अब यही पर समाप्त हो रहा है, इसे आप अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया से शेयर भी कर सकते हैं ताकि उनको भी Information of Holi in Hindi के बारे में पता चले!

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