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Shree Ganesh Chaturthi Puja,2017 [श्री गणेश चतुर्थी]

Ganesh Chaturthi
Written by admin

श्री गणेशाय नमः

गणेश चतुर्थी हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार है गणेश चतुर्थी भारत के विभिन्न भागों में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है लेकिन महाराष्ट्र में तो इसका अलग ही महत्व है वहां तो हर व्यक्ति इस त्यौहार का बहुत ही बेशब्री से इन्तजार करता है और हर कोई बच्चे- बूढ़े आदि इस त्यौहार को लेकर बहुत उत्साहित होते है!

और प्रमाणों के अनुसार इसी दिन गणेश जी का जन्म हुआ था! गणेश चतुर्थी के दिन हिन्दू लोग अपने भगवान श्री गणेश की सच्चे दिल से पूजा- अर्चना करते है और कई जगहों पर तो गणेश की बहुत बड़ी बड़ी प्रतिमाएं बनाई जाती है!

और आस पास के लोग भी इनके दर्शन के लिए आते है और पूरे नौ दिनों के लिए गणेश जी की पूजा अर्चना करके नौवें दिन गणेश जी की प्रतिमा को तालाब इत्यादि जल में विसर्जित कर दिया जाता है!

गणेश चतुर्थी पर्व 2017(Ganesh Chaturthi Festival 2017)

भगवान श्री गणेश जी के जन्मदिवस के अवसर पर मनाया जाने वाला यह त्यौहार भारत के सारे राज्यों में खास तौर पर महाराष्ट्र में बहुत ही हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है और इस वर्ष यह त्यौहार शुक्रवार 25 अगस्त को मनाया जायेगा और गणेश विसर्जन मंगलवार 5 सितम्बर को किया जायेगा!

गणेश भगवान के 12 नाम

सुमुख, एकदंत, कपिल, गजकर्णक, लंबोदर, विकट, विघ्ननाशक, विनायक, धूम्रकेतु, गणाध्यक्ष, भालचंद्र, गजानन

गणेश भगवान का स्वरूप और उनकी पसंद

गणपति भगवान को मोदक के लड्डू अत्यंत प्रिय हैं! धार्मिक शास्त्रों के अनुसार गणेश जी को लाल रंग के पुष्प पसंद हैं !कल्याण कारी, कष्ट हरता गणेश भगवान का वाहन मूषक (चूहा) है। गणेश जी को जल तत्वों के अधिपति बताया जाता है! पाश और अंकुश गणेश जी के मुख्य अस्त्र हैं। गणेश भगवान को शमी-पत्र और दूर्वा अधिक प्रिय हैं!

ऐसा कहा गया है की समस्त चराचर सृष्टि गणेश जी के उदर में विचरती है! गणेश जी की लंबी नाक उनके बुद्धिशाली और चतुर होने का संकेत देते हैं। गणेश जी के बड़े कान अधिक ग्राह्य शक्ति सूचक हैं, तथा उनके मनोरम चक्षु (आँखें) तेज़ सटीक द्रष्टि सूचक हैं!

गणेश भगवान की प्रतिमा का विसर्जन

गणेश चतुर्थी के दिन से लेकर लगभग नौ दिनों तक भगवान गणेश जी को बड़े ही आदर भाव से अपने घर पर स्थापित किया जाता है तथा जैसे गाजे बाजों के साथ इनको स्थापन अपने घर में किया जाता है!

वैसे ही नौ दिनों बाद इन्हे उसी आदर भाव से स्थापित किये गए स्थान से उठाकर विसर्जित किया जाता है कई गणेश भक्त तो ख़ुशी से रो भी पड़ते है और गणपति बप्पां को अगले वर्ष जल्दी आने के लिए बोलते है!

गणेश चतुर्थी की कथा (Story of Ganesh Chaturthi)

धार्मिक प्रमाणों के अनुसार गणेश चतुर्थी से जुडी एक कहानी है जिसमें कि कहा जाता था कि एक दिन पार्वती जी ने नहाने से पहले अपने मैल से एक बालक का निर्माण किया और फिर उस बालक को यह आदेश दिया था कि तुम द्वार पर खड़े हो जाओ और किसी को भी भीतर आने नहीं देना लेकिन उसी समय शिव जी भीतर जाने लगे किन्तु उस बालक ने शिव जी को अंदर नहीं जाने दिया और उस बालक के ऐसा करने पर महादेव क्रोधित हो गए और उन्होंने क्रोध में उस बालक का सिर धड़ से अलग कर दिया!

जब पार्वती जी नहा कर बाहर आई तो उन्होंने जब उस बालक को मृत अवस्था में देखा तो पार्वती जी भी बहुत क्रोधित हो गई और पार्वती जी के क्रोध को शांत करने के लिए ब्रह्मा, विष्णु जी तथा अन्य देवताओं जी ने बहुत स्तुति की! तब जाकर माँ पार्वती जी का क्रोध शांत हुआ और देवताओं ने महादेव से भी गणेश जी को पुनः जीवित करने का अनुरोध किया महामृत्युंजय रुद्र उनके अनुरोध को स्वीकारते हुए एक गज(हाथी) के बच्चे के कटे हुए मस्तक को गणेश के धड़ से जोड़ कर उन्हें पुनर्जीवित कर दिया!

विनायक चतुर्थी व्रत विधि

श्री गणेश का जन्म भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के दिन हुआ था! इसलिये इनके जन्म दिवस को व्रत कर श्री गणेश जन्मोत्सव के रुप में मनाया जाता है! जिस वर्ष में यह व्रत रविवार और मंगलवार के दिन का होता है! उस वर्ष में इस व्रत को महाचतुर्थी व्रत कहा जाता है!

यह व्रत भी अन्य सभी व्रतों के समान बहुत ही सरल होता है व्रत के दिन उपासक प्रातः काल में जल्दी उठकर सूर्योदय से पूर्व स्नान करना चाहिए और सारे कामों को पूरा करके पूरे घर को गंगा जल से शुद्ध करके गणेश भगवान जी की पूजा पूरे श्रद्धा भाव से करनी चाहिए और इस दिन लाल रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए! इसके साथ ही लाल रंग के वस्त्र का दान भी करना चाहिए!

यह तो सभी जानते ही है कि गणपति महाराज सभी भक्तों के बिगड़ें काम सुधार देते है और उनके धन,सम्पति में भी बरकत देते है अपने भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी कर देते है और अपने भक्तों के घरों में सुख-शांति का वातावरण बना देते है लेकिन फिर इस सबके लिए गणपति जी के भक्तों को भी कुछ करना पड़ता है जैसे कि उनके घर में सुख-शांति लाने के लिए उनको भी प्रभु की आराधना करनी पड़ती है तो अपने बिगड़े काम सुधारने के लिए आपको कुछ उपाए करने पड़ते है जिससे कि आपकी सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाएं!

चलिए आईये दोस्तों अब जानते है कि कौन-कौन सी कामनाओं को पूरा करने के लिए कौन-कौन से उपायें करने चाहिए तो ध्यान से पढियें इन उपायों को और फिर उसके बाद आप भी अपनी मनोकामनाओं को पूरा करने लिए इन उपायों को अपने जीवन में जरूर अपनाएं!

किस कामना के लिए कौन सा उपाय करें

नौकरी पाने के लिए- 10 दिनों तक विघ्ननाशक गणेश स्तोत्र का पाठ करें ! आपको आपकी मनचाही नौकरी अवश्य मिलेगी! लेकिन एक बात का खास ध्यान रहना है कि यह नहीं कि आप बस 10 दिनों के लिए स्तोत्र पाठ करें और इसके अलावा नौकरी पाने के लिए और कोई प्रयास न करें तो यह भी बहुत गलत है क्योंकि कहा जाता है न कि सब कुछ बना बनाया हमारे लिए पहले से तैयार नहीं होता है हमें उसे हासिल करना पड़ता है भगवान तो केवल सही रास्ता दिखाते है इसलिए गणेश जी की स्तुति के साथ साथ आप खुद से भी प्रयास करें!

संपत्ति प्राप्ति के लिए-10 दिन नियमित श्री गणेश चालीसा, कनकधारा स्तोत्र तथा लक्ष्मी सूक्त का पाठ करें!

धन-समृद्धि के लिए– गणेश स्तोत्र का पाठ तथा कुबेर यंत्र के पाठ के साथ ॐ श्रीं ॐ ह्रीं श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः मंत्र की 11 माला नित्य 10 दिन करें।

विवाह के लिए – 10 दिन तक ॐ ग्लौम गणपतयै नमः की 11 माला तथा णेश स्तोत्र का पाठ नित्य करें! मोदक का भोग लगाएं!

भवन के लिए – 10 दिन तक श्रीगणेश पंचरत्न स्तोत्र एवं भुवनेश्वरी चालीसा अथवा भुवनेश्वरी स्तोत्र का पाठ करें!

उम्मीद करते है कि अब आपको गणेश चतुर्थी,गणेश चतुर्थी 2017,गणेश पूजा गणेश विसर्जन गणेश चतुर्थी कथा के बारे में बहुत जानकारी मिल गई है तो दोस्तों इस बार आप भी अपने घरों में इस पवित्र त्यौहार को हर्षोउल्लास से मनाईये और गणेश जी  को आदर भाव से अपने घर में स्थापित कीजिये और आपको हमारा यह आर्टिकल कैसा लगा comment करके जरूर बताएं और इस आर्टिकल को अपने friends के साथ भी Share करें!

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